देश

संघ प्रमुख मोहन भागवत भविष्‍य के भारत को लेकर आज पेश करेंगे अपना नजरिया

 

नई दिल्‍ली। राष्‍ट्रीय स्‍वयंसेवक संघ (आरएसएस) अपने 93 साल के इतिहास में पहली बार विज्ञान भवन में आज से तीन दिवसीय अनोखा संवाद करेगा। सरसंघचालक मोहन भागवत भविष्य के भारत को लेकर संघ का अहम नजरिया पेश करेंगे। भविष्य का भारत: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का दृष्टिकोण विषय पर विज्ञान भवन में आज से आयोजित होने जा रहे तीन दिवसीय कार्यक्रम का मकसद आरएसएस के प्रति लोगों के एक खास वर्ग में व्‍याप्‍त गलत धाराणाओं को तोड़ने की कोशिश होगी। इसके लिए पहली बार संघ प्रमुख मोहन भागवत करीब एक हजार बुद्धिजीवियों को संवाद करने के लिए आमंत्रित किया है।

नजरिया बदलेगा या…
बड़ा सवाल ये है कि 2019 के आम चुनाव से छह माह पहले हो रहे 72 घंटे के इस कार्यक्रम से क्या संघ के प्रति उसके विरोधियों का नजरिया बदलेगा? या फिर पहले वाला नजरिया बदस्‍तूर जारी रहेगा। ऐसा इसलिए कि इस कार्यक्रम के जरिए संघ यह कोशिश करेगा कि ज्यादा से ज्यादा लोग उसकी विचारधारा से जुड़ें। इस कार्यक्रम में सभी राजनीतिक दलों को बुलाया गया है। लेकिन कांग्रेस, सपा, बसपा, टीएमसी और लेफ्ट के नेता इसमें शामिल होंगे या नहीं इस बात को लेकर संशय बना हुआ है।

मुस्लिम ब्रदरहुड से तुलना
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी सहित विपक्ष के कई नेता संघ पर हमलावर हैं। राहुल ने इसी साल 24 अगस्त को यूरोप यात्रा के दौरान आरएसएस की तुलना अरब देशों में सक्रिय संगठन मुस्लिम ब्रदरहुड से की थी। उसे नफरत और कट्टरता फैलाने वाला संगठन करार दिया था। राहुल गांधी की ही तरह कुछ लोग आरोप लगाते हैं कि आरएसएस में अल्पसंख्यकों और एससी/एसटी के लिए कोई जगह नहीं है।

तीन चरणों में संपन्‍न्‍ा होगा कार्यक्रम
संघ के मेगा कार्यक्रम तीन चरणों में समाप्‍त होगा। पहले चरण में संवाद होगा। ऐसा संवाद, जिसमें उन तमाम मसलों पर संघ की राय साफ की जाएगी जिसे कट्टरता से जोड़ा जा रहा है जिसे लेकर सरकार के साथ-साथ संघ भी लपेटे में आ रहा है। दूसरे में विचारधारा के विस्तार की बात होगी और तीसरे में विपक्ष की ओर से हो रहे हमलों का जवाब दिया जाएगा। देखना ये है कि संघ अपने इस मकसद में कितना कामयाब हो पाएगा।

एक करोड़ से ज्‍यादा स्‍वयंसेवक
आपको बता दें कि संघ की स्थापना 27 सितंबर, 1925 को डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार ने नागपुर में की थी। आरएसएस भारत का सबसे बड़ा स्वयंसेवी संगठन माना जाता है। शहर और गांव मिलाकर करीब 83 हजार स्थानों पर संघ की शाखा, साप्ताहिक मिलन और संघ मंडली लगती हैं। इस समय संघ की करीब 59 हजार शाखाएं काम कर रही हैं। इनके अलावा 24,500 साप्ताहिक मिलन और संघ मंडली सक्रिय हैं। एक अनुमान के मुताबिक देश भर में एक करोड़ से ज्यादा प्रशिक्षित स्वयंसेवक हैं।

Tags
Show More

Surat Darpan

Admin Of Surat Darpan. Always Giving Latest News In Hindi.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Close

Adblock Detected

Please consider supporting us by disabling your ad blocker