सेहत

क्या आपको बुखार है, लेकिन ये डेंगू या चिकनगुनिया तो नहीं, घर बैठे तुरंत ऐसे पहचानें लक्षण

 

बारिश का मौसम खत्म होने को है, लेकिन जाते-जाते यह मौसम लोगों में अपना असर छोड़ जाता है। दरअसल, मॉनसून में डेंगू और चिकनगुनिया होना आम बात है, लेकिन समय रहते यदि इन बीमािरयों का इलाज नहीं करवाया गया, तो ये घातक भी हो सकती हैं। ऐसे में जरूरी है कि इन दिनों यदि आपको बुखार की कोई शिकायत है, तो सबसे पहले आपको अपने बुखार के लक्षण की पहचान करना जरूरी है। आपको बुखार कहीं डेंगू या चिकनगुनिया वाला तो नहीं है। कई बार लोगों में डेंगू और चिकनगुनिया को लेकर भ्रम की स्थिति हो जाती है। अगर सही समय पर लक्षणों को पहचानकर इन बीमारियों का इलाज न शुरू किया जाए, तो दोनों ही बीमारियां खतरनाक साबित होती हैं, इसलिए इन बीमारियों से बचाव के लिए आपको डेंगू और चिकनगुनिया के बीच अंतर का पता होना जरूरी है। हम आपको बता दें कि डेंगू और चिकनगुनिया दोनों ही बीमारियां मच्छरों के काटने से होती हैं, लेकिन इनके लक्षणों से इसकी पहचान आसानी की जा सकती है।

डेंगू के लक्षण

– आंखें लाल हो जाती हैं और स्किन का रंग गुलाबी हो जाता है।
– गले के पास की लिम्फ नोड सूज जाते हैं।
– डेंगू बुखार 2 से 4 दिन तक रहता है और फिर धीरे धीरे तापमान नार्मल हो जाता है।
– बुखार के साथ-साथ शरीर में खून की कमी हो जाती है।
– शरीर में लाल या बैगनी रंग के फफोले पड़ जाते हैं।
– नाक या मसूढ़े से खून आने लगता है।
– डेंगू की शुरुआत तेज बुखार, सिरदर्द और पीठ में दर्द से होती है।
– शुरू के 3 से 4 घंटों तक जोड़ों में भी बहुत दर्द होता है।
– अचानक से शरीर का तापमान 104 डिग्री हो जाता है और ब्लड प्रेशर भी नार्मल से बहुत कम हो जाता है।

चिकनगुनिया के लक्षण

– तेज बुखार होना।
– तेज बुखार होने का पैर, हाथ और कलाई में हल्के सूजन के साथ गंभीर दर्द होना
– गंभीर पीठ दर्द
– सिरदर्द
– थकान के साथ मांसपेशी में दर्द
– त्वचा पर लाल रंग के चकत्ते का होना, जो आमतौर से 48 घंटों में दिखाई पड़ते हैं
– गले में खराश होना
– आंखों में दर्द और कंजेक्टिवाइटिस होना
– कई महीनों और वर्षों तक शरीर में दर्द रह सकता है

डेंगू और चिकनगुनिया से बचाव के उपाय

डेंगू और चिकनगुनिया के लक्षणों के दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। यदि पेशेंट की स्थिति ज्यादा गंभीर है, तो उसे हॉस्पिटल में भर्ती करना चाहिए। इसके अलावा दोनों ही रोगों में शरीर को तरल पदार्थों की ज्यादा जरूरत होती है, इसलिए तरल पदार्थों का लगातार सेवन करना चाहिए। बुखार के साथ दर्द और ठंड महसूस होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। ऐसी कंडीशन में जरा-सी लापरवाही घातक साबित हो सकती है।

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